कंप्यूटर पोर्ट क्या होता है? – पूरी जानकारी हिंदी में।

कंप्यूटर में पोर्ट क्या होता है? (What is Port in Computer)

आज हम जानेंगे की कंप्यूटर पोर्ट क्या होता है? (What is Computer Port in Hindi)कंप्यूटर पोर्ट के प्रकार (Types of Computer Ports in Hindi), कंप्यूटर में इनपुट/आउटपुट डिवाइस कैसे कनैक्ट होते है? (How are Peripheral Devices Connected to the Computer), नेटवर्किंग में पोर्ट क्या होता है? (What is Port in Networking in Hindi), कंप्यूटर के मुख्य पोर्ट्स और उनका विवरण (Computer Ports and Their Functions in Hindi) आदि संपूर्ण जानकारी तो चलिये शुरू करते है। इनपुट/आउटपुट (I/O) पोर्ट आपको कंप्यूटर सिस्टम में कीबोर्ड, फ्लैश ड्राइव, माउस, प्रिंटर और स्कैनर जैसे हार्डवेयर डिवाइसेस को कनेक्ट करने में सक्षम बनाते है। यह सिस्टम से डेटा के लिए प्रवेश और निकास बिंदु है मतलब की इन पोर्ट्स की सहायता से डेटा सीपीयू से बाहर और बाहर से अंदर विभिन्न उपकरणों से कंप्यूटर को जोड़कर डाटा का आदान-प्रदान किया जाता है।

कंप्यूटर पोर्ट क्या है (What is Computer Port) जाने हिंदी में

विभिन्न पोर्ट्स हमे विभिन्न प्रकार के उपकरणों (Devices) को कंप्यूटर से जोड़ने की स्वतंत्रता देता हैं क्योंकि अगर आपके पास केवल एक पोर्ट (Port) हैं तो आप किसी एक उपकरण का ही चयन कर उस यन्त्र का इस्तेमाल कर सकते हैं, इस आर्टिकल में हम विभिन्न प्रकार के पोर्ट्स जैसे सीरियल पोर्ट (Serial Port), पैरेलल पोर्ट (Parallel Port) और यूएसबी पोर्ट (USB Port) पोर्ट्स का विस्तार से अध्ययन करेंगेतो चलिए विस्तार से जानते है की कंप्यूटर पोर्ट क्या है? और इनके प्रकार (What is Computer Ports and Their Types in Hindi)।

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कंप्यूटर पोर्ट क्या है? (What is Computer Port in Hindi)

एक कनेक्टिंग केबल का उपयोग करके सिस्टम और डिवाइस को एक साथ कनेक्ट करने के लिए एक पोर्ट का उपयोग किया जाता है, ताकि वे एक साथ कम्यूनिकेट कर सकें। कंप्यूटर सिस्टम में उपलब्ध विभिन्न पोर्ट्स आमतौर पर सिस्टम के CPU केस (Cabinet) के पीछे स्थित होते हैं या वे CPU केस के सामने की ओर भी स्थित हो सकते हैं। कुछ पोर्ट सिस्टम के पीछे उपलब्ध होते हैं जो काफी उपयोगी होते हैं क्योंकि आप केवल उस डिवाइस को अनप्लग कर सकते हैं जिसका उपयोग नहीं किया जा रहा हो और पोर्ट में दूसरे डिवाइस को प्लग कर सकते हैं। पोर्ट्स के विभिन्न आकृति और माप होते हैं जो सिस्टम को डिवाइस से कनेक्ट करना आसान बनाता है, क्योंकि आप गलत पोर्ट में किसी दुसरे डिवाइस को प्लग नहीं कर सकते। उदाहरण के लिए, आप प्रिंटर पोर्ट में माउस को प्लग नहीं कर सकते। पोर्ट्स को पहचानने में सरलता हो उसके लिए उनमे प्रतीक (Symbol) होते है जो विशेष रूप से किसी ख़ास डिवाइस को सूचित करते है।

कंप्यूटर पोर्ट के प्रकार (Types of Computer Ports in Hindi)

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जैसा की हम जानते है कंप्यूटर में उपलब्ध विभिन्न पोर्ट्स का इस्तेमाल हम किसी भी डिवाइस को कंप्यूटर के साथ जोड़ने के लिए करते है ताकि वे एक साथ कम्यूनिकेट कर सकें और आसानी से अपना काम कर सके कंप्यूटर पोर्ट्स 2 प्रकार से इस्तेमाल में लाये जाते है, साथ ही कंप्यूटर पोर्ट के 2 प्रकार होते है-

  • फिजिकल पोर्ट ( Physical Port ): फिजिकल पोर्ट का इस्तेमाल कर हम किसी भी डिवाइस को केबल के माध्यम से जोड़ते है, इनमे मुख्य रूप से सीरियल पोर्ट ( DB9 सॉकेट ), पैरेलल पोर्ट ( DB 25 सॉकेट), और ईथरनेट पोर्ट (RJ 45 सॉकेट) आदि होते है , विभिन्न उपकरणों को भौतिक रूप से केबल  के द्वारा विशेष कोन्नेक्टोर्स का उपयोग कर कनेक्ट किया जाता है।
  • वर्चुअल पोर्ट ( Virtual Port): वर्चुअल पोर्ट का इस्तेमाल मुख्य रूप से नेटवर्किंग में किया जाता है इनके द्वारा विभिन्न सॉफ्टवेर एप्लीकेशन को कंप्यूटर के हार्डवेयर रिसोर्सेज को एक्सेस करने की अनुमति ली जाती है और उनका उपयोग किया जाता है, FTP (File Transfer Protocol), PPTP (Point to Point Tunneling Protocol), SFTP (Secure File Transfer Protocol), NTP (Network Time Protocol), HTTP (Hyper Text Transfer Protocol), SMTP (Simple Mail Transfer Protocol), आदि सब वर्चुअल पोर्ट्स के उदाहरण है।

कंप्यूटर के महत्वपूर्ण इनपुट/आउटपुट पोर्ट्स (Computer Input/Output Ports and Interfaces)

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कंप्यूटर में मुख्य रूप से निम्नलिखित पोर्ट महत्वपूर्ण होते है:

  • सीरियल पोर्ट (Serial Port) : इस पोर्ट का इस्तेमाल मॉडेम, पुराने कंप्यूटर माउस और प्रिंटर में किया जाता है। (हालांकि अधिकांश प्रिंटर पैरेलल पोर्ट से जुड़े होते हैं)।
  • पैरेलल पोर्ट (Parallel Port) : इस पोर्ट का इस्तेमाल स्कैनर और प्रिंटर में किया जाता है।
  • यूएसबी पोर्ट ( Universal Serial Bus ): इस पोर्ट का इस्तेमाल बाहरी उपकरण जैसे की एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, माउस, कीबोर्डडिजिटल कैमरा इत्यादि पेरिफेरल उपकरणों को कनेक्ट करने में किया जाता है। ये निम्नलिखित प्रकार की होती है: USB 1.0 इसकी डाटा Read और Write करने की स्पीड 183 kB/s होती है जो काफी कम है अब बात करते है USB 2.0 की जिसकी स्पीड 480 MBps होती है जो USB 1.0 की तुलना में काफी हाई स्पीड है और अब बात करते है USB 3.0 की जो बिलकुल नई टेक्नोलॉजी है जिसकी ट्रान्सफर स्पीड 5GBps मतलब की 640MBps है जो अल्ट्रा फ़ास्ट है।
  • PS/2 Port : इस पोर्ट का इस्तेमाल पुराने कंप्यूटर के कीबोर्ड और माउस के लिए किया जाता था
  • VGA Port : इस पोर्ट का इस्तेमाल कंप्यूटर के मोनिटर को मदरबोर्ड के वीडियो कार्ड से जोड़ने में किया जाता है।
  • पावर कनेक्टर पोर्ट (Power Connector) : इस पोर्ट का इस्तेमाल कंप्यूटर को पावर केबल से जोड़ने में किया जाता है।
  • ईथरनेट पोर्ट/RJ 45 पोर्ट (Ethernet Port) : इस पोर्ट का इस्तेमाल कंप्यूटर को नेटवर्क केबल (LAN Cable) से जोड़ने में किया जाता है।
  • गेम पोर्ट (Game Port) : इस पोर्ट का इस्तेमाल कंप्यूटर से गेमपैड या जॉयस्‍टिक से जोड़ने में किया जाता है।
  • ऑडियो पोर्ट (3.5mm Audio Port) : इस पोर्ट का इस्तेमाल कंप्यूटर को माइक्रोफ़ोन और स्पीकर से कनेक्ट करने में किया जाता है।
  • एचडीएमआई पोर्ट (HDMI Port) : इस पोर्ट का इस्तेमाल वीडियो डेटा संचारित करने के लिए अर्थात इस पोर्ट का उपयोग कर हम कंप्यूटर को किसी कंप्यूटर मॉनीटर, वीडियो प्रोजेक्टर या डिजिटल टेलीविजन से जोड़ने में किया जाता है।
  • फायर वायर पोर्ट (Firewire Port) : इस पोर्ट का इस्तेमाल कैमकोर्डर और वीडियो उपकरणों को कंप्यूटर से जोड़ने में किया जाता है।
  • DVI पोर्ट (Digital Visual Interface) : इस पोर्ट का इस्तेमाल High End Video Graphic Card को फ्लैट पैनल LCD मॉनिटर से जोड़ने में किया जाता है।

इन्हें भी देखें –

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Shivam Pandey is a Software Engineer and a Professional Blogger. He is "CCNA", "MCSE" & "RHCE" certified and is currently working as a Full Stack Java Developer at Tata Consultancy Services Limited (TCS).

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