कम्पाइलर और इंटरप्रेटर क्या है? – भाग 4

कम्पाइलर क्या है? (What is Compiler in Hindi)

आज हम सीखेंगे की कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में कम्पाइलर एंड इंटरप्रेटर क्या है? (Compiler or Interpreter in Hindi) तो हम अध्याय शुरू करते हैं। जैसा की हम जानते है की कंपाइलर का उपयोग तब किया जाता है, जब प्रोग्रामर उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा (High Level Programming Language) जैसे C, C++, Java, Python, C#, Ruby आदि में अपना कोड लिखना चाहता है।

C सबसे लोकप्रिय कॉम्पायल्ड भाषा (Compiled Language)है। एक कंपाइलर (Compiler) उच्च-स्तरीय भाषा में लिखा गया स्रोत कोड (Source Code)का अनुवाद मशीन भाषा (Machine Language) में करता है। इस प्रकार परिणामस्वरूप आउटपुट एक एक्सेक्यूटेब्ल मशीन कोड होता है। सबसे आधुनिक कंपाइलर्स (Compilers) अपेक्षाकृत कुशल होते हैं जैसे: Turbo C++CodeBlocks, Dev-C++, NetBeansEclipse आदि।

कम्पाइलर एंड इंटरप्रेटर क्या है? (Compiler or Interpreter in Hindi)

प्रोग्रामिंग में कंपाइलर एक बहुत ही महत्वपूर्ण काम करता है, यह अनुवाद करता है, यह उच्च-स्तरीय भाषा में लिखे गए कोड को मशीन भाषा में बदलता है, जैसे C प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए कोड को मशीन भाषा में अनुवाद करता है। जो प्रोसेसर (Processor) समझ सके और प्रोग्राम में लिखी गई क्रियाओं को एक्सीक्यूट कर सके।

शुरुआत में, कोई कॉम्पायल्ड भाषा नहीं थी, और प्रोग्रामर को सीधे मशीन कोड में प्रोग्राम लिखना पड़ता था, यही कारण है कि कॉम्पायल्ड भाषाओं का आविष्कार किया गया था क्योंकि मशीन कोड में प्रोग्राम लिखना बहुत कठिन था।

कम्पाइलर की परिभाषा? (Definition of Compiler in Hindi)

कम्पाइलर एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है जो उच्च-स्तरीय भाषा कोड को बाइनरी कोड (मशीन भाषा) में परिवर्तित करता है जिसे कंप्यूटर द्वारा समझा और एक्सीक्यूट किया जा सकता है। मशीन भाषा में उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग (High-Level Programming) को परिवर्तित करने की प्रक्रिया को कंपाइलेशन (Compilation) के रूप में जाना जाता है।

कम्पाइलर के कार्य (Working of Compiler in Hindi)

कम्पाइलर के कार्य (Working of a Compiler)

कंपाइलर एक सॉफ्टवेर प्रोग्राम है जो उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे स्रोत कोड का अनुवाद मशीन कोड (बाइनरी कोड) में करता है। यह मशीन कोड निष्पादन योग्य कोड होते है, कंप्यूटर इसे समझता है और इंस्ट्रक्शन को एक्सीक्यूट करता है। (उदाहरण के लिए Pascal, C, C ++, Java, Pearl, C # आदि)।

कंपाइलेशन: सोर्स कोड ==> ऑब्जेक्ट कोड (बाइनरी कोड)

  • प्री-प्रोसेसिंग (Preprocessing)
  • कंपाइलेशन (Compilation)
  • असेंबली (Assembly)
  • लिंकिंग (Linking)
  • एक्सेक्यूशन (Execution)
इंटरप्रेटर क्या है? (What is Interpreter in Hindi)

इंटरप्रेटर एक प्रोग्राम है जो उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखित कोड को लाइन-बाय-लाइन एक्सीक्यूट करता है। उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा को मशीन भाषा (बाइनरी कोड) में अनुवाद करने के लिए इंटरप्रेटर का प्रयोग किया जाता है।

जैसा की हम जानते है की उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं जैसे C ++, Java में लिखा गया प्रोग्राम को हम सोर्स कोड कहते है, यह पहले सोर्स कोड की पहली लाइन का अनुवाद करता है, और अगर यह पहली लाइन में कोई गलती पाता है, तो यह त्रुटि (Error) दर्शाता है और जब तक त्रुटि को पूरी तरह से संशोधित न किया जाये, यह अगली लाइन का अनुवाद नही करता है।

जब पहली लाइन पूरी तरह से संशोधित हो जाती है तब दूसरी लाइन पर आगे बढता है तो इस तरह से इंटरप्रेटर लाइन बाई लाइन किसी प्रोग्राम को मशीनी भाषा में अनुवाद करता है।

कम्पाइलर और इंटरप्रेटर में अंतर (Difference Between Compiler and Interpreter in Hindi)
CompilerInterpreter
कंपाइलर एक बार में पूरा प्रोग्राम को एक्सीक्यूट करता है। यह पूरे प्रोग्राम को इनपुट के रूप में लेता है।इंटरप्रेटर प्रोग्राम को लाइन-बाय-लाइन एक्सीक्यूट करता है। यह इनपुट के रूप में एक वक्त में एक स्टेटमेंट लेता है।
कंपाइलर इंटरमीडिएट कोड उत्पन्न करता है, जिसे ऑब्जेक्ट कोड या मशीन कोड कहा जाता है।इंटरप्रेटर इंटरमीडिएट ऑब्जेक्ट कोड या मशीन कोड उत्पन्न नहीं करता है।
कंपाइलर प्रोग्राम अधिक मेमोरी लेते हैं क्योंकि पूरे ऑब्जेक्ट कोड को मेमोरी में रहना पड़ता है।इंटरप्रेटर इंटरमीडिएट ऑब्जेक्ट कोड उत्पन्न नहीं करता है, यह मशीन कोड उत्पन्न करता है। परिणामस्वरूप, इंटरप्रेटर प्रोग्राम को कम मेमोरी की आवश्यकता होती है।
कंपाइलर कंडीशनल कण्ट्रोल स्टेटमेंट्स (जैसे if-else और switch-case) को एक्सीक्यूट करता है और लॉजिकल रूप से इंटरप्रेटर से अधिक तेज होता है।इंटरप्रेटर कंडीशनल कंट्रोल स्टेटमेंट को बहुत धीमी गति से एक्सीक्यूट करता है।
कम्पाइलर का उपयोग करने वाली प्रोग्रामिंग भाषाओं के उदाहरण: C, C++, Cobol आदि।प्रोग्रामिंग भाषाओं के उदाहरण जो इंटरप्रेटर का उपयोग करते हैं: Basic, Visual Basic, Python, Ruby, PHP, Perl आदि।

इन्हें भी देखें –

प्रिय पाठकों, मै आशा करता हूँ की आपको हमारी कम्पाइलर एंड इंटरप्रेटर क्या है? (Compiler or Interpreter in Hindi) पर यह पोस्ट बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे जरुर अपने दोस्तों के साथ शेयर करे। हमने कोशिस किया है की कम्पाइलर एंड इंटरप्रेटर क्या है? (Compiler or Interpreter in Hindi) की संपूर्ण जानकारी आसान और विस्तृत रूप में वर्णन कर सके। यदि आपको और अधिक जानकारी की आवश्यकता है तो आप यहाँ क्लिक कर पढ़ सकते है, अगर आपको कोई भी उलझन हो तो निचे कमेंट कर सूचित करें, आपको तुरंत सही और सटीक सुचना आपके इच्छित विषय से सम्बंधित दी जाएगी. यदि आप हमसे सम्पर्क करना चाहते है या आपके पास कोई सुझाव है तो आप हमसे संपर्क करे। हम आपके सुझाव का स्वागत करते हैं, हमारी यूट्यूब चैनल देखने के लिए यहाँ क्लिक करे

कृपया ध्यान दें: नीचे दिए गये “Register Now” बटन के माध्यम से आप हमे निशुल्क ज्वाइन कर सकते हैं। नवीनतम जॉब अपडेट पाने के लिए आप हमारे फेसबुक ग्रुप को जॉइन कर सकते हैं और हमारे एंड्रॉइड एप्प को भी डाउनलोड कर सकते हैं। हमारे इस एप्प का उद्देश्य प्रतियोगता परीक्षाओं की तयारी करने वाले छात्रों को नवीन माध्यम द्वारा ज्ञान उपलब्ध करवाना है। जिससे वह अपने मोबाइल द्वारा ही समस्त जानकारी प्राप्त कर सके, आपको हमारा यह प्रयास कैसा लगा, हमें कमेंट में जरूर बताएं।

register-button

Dear Visitors, अगर आपके पास कोई ज्ञानवर्धक जानकारी है जिससे आप लोगो के साथ बाँटना चाहते है तो हमसे संपर्क कीजिए हमें ईमेल भेजिए–[email protected] यदि पोस्ट अच्छी हुई तो हम जरूर आपके नाम के साथ उसे प्रकाशित करेंगे।

आशा है आपको ये शानदार पोस्ट पसंद आई होगी।
इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें, Sharing Button पोस्ट के निचे है।

Er. Shivam Pandey holds B.Tech degree in Computer Science & Engineering from Netaji Subhas Institute of Technology | Bihta, Patna. He is MCSE, RHCE, or CCNA certified and currently working as a Network Specialist at Tata Consultancy Services Limited.

Leave a Comment

error: DMCA Protected !!
42 Shares
Share42
Tweet
Pin
Share