SMPS क्या है और ये कैसे कार्य करता है – जाने हिंदी में।

आज हम सीखेंगे की SMPS क्या है? (What is SMPS in Hindi), SMPS के प्रकार (Types of SMPS in Hindi)SMPS का फुल फॉर्म (SMPS Full Form in Hindi), SMPS कैसे काम करता है? (How SMPS Works in Hindi) अक्सर हमारे मन में ऐसे कई सारे प्रश्न आते है तो इस पोस्ट में, मैं “SMPS” से संबंधित कुछ ऐसे सवालों का जवाब देने जा रहा हूं। मुझे आशा है कि आपको निश्चित रूप से आपका जवाब मिल जायेगा। SMPS ( Switch Mode Power Supply) एक विद्युतीय (Electrical) उपकरण है जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सर्किटों को बिजली प्रदान करता है। घर या ऑफिस में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में कम बिजली DC वोल्टेज की आवश्यकता होती है। इसने स्विचेड मोड पावर सप्लाई (SMPS) के विकास के लिए प्रेरित किया।SMPS क्या है (What is SMPS in Hindi) और ये कैसे कार्य करता है।

यह डिवाइस उच्च वोल्टेज AC से कम वोल्टेज DC में रूपांतरण करता है। SMPS कंप्यूटर के विभिन्न सिस्टम घटकों जैसे कि मदरबोर्ड और डिवाइस ड्राइव के लिए बिजली की आपूर्ति करता है। SMPS के मुख्य घटक Power Connectors और Power Supply होते है  पावर कनेक्टर सभी सिस्टम घटकों को DC वोल्टेज प्रदान करते हैं और Power Supply Fan का इस्तेमाल SMPS को ठंडा रखने के लिए उपयोग किया जाता है।

SMPS क्या है? (What is SMPS in Hindi)

Switched Mode Power Supply एक इलेक्ट्रिकल डिवाइस है जो कंप्यूटर के सभी उपकरणों जैसे कि रजिस्टर या कैपेसिटर को बिजली को बदी कुशलता से AC से DC में रूपांतरित कर पॉवर सप्लाई करता है। SMPS क्या है जान लेने के बाद चलिए इसके प्रकार के बारे में जानते है।

SMPS के प्रकार (Types of SMPS in Hindi)

विभिन्न प्रकार के SMPS निम्नलिखित हैं :

  1. D.C. to D.C. Converter
  2. Forward Converter
  3. Flyback Converter
  4. Self-Oscillating Flyback Converter

DC से DC Converter: यह एक विशेष प्रकार का SMPS कनवर्टर होते है जो उच्च DC वोल्टेज  को  Step Down Transformer के प्राइमरी कोइलिंग से गुज़ारा जाता है जो की 50 Hz का होता है फिर ये Secondary हिस्से से आउटपुट वोल्टेज के रूप मे भेजा जाता है इसकी सहायता से हम वोल्टेज को कंट्रोल करते है।

Forward Converter: यह भी एक तरह का SMPS कनवर्टर है जो चोक (Choke) के द्वारा विधुत (Current) को ट्रांसमिट करता है, जब ट्रांजिस्टर अपने काम करता है या नहीं, जब Transistor पूरा बंद हो जाता है तो डायोड विधुत को प्रसारित करता है। इस प्रकार, दोनों अवधि के दौरान लोड में विधुत का प्रवाह होता है लेकिन चोक (Choke) विधुत को संग्रहीत रखता है चोक भंडार ऊर्जा ON Period के दौरान और कुछ ऊर्जा को Output Load में भेजता है।

Flyback converter: इस SMPS कनवर्टर में, जब स्विच चालू रहता है तो Inductor चुंबकीय फील्ड एनर्जी स्टोर करता है जब स्विच चालू स्थिति में है, तो वोल्टेज सर्किट में ऊर्जा उत्पादन खाली होती है  इसका काम Duty Cycle Output voltage को नियंत्रित करना है।

Self-Oscillating Flyback Converter: फ्लाईबैक के सिद्धांत के आधार पर यह सबसे सरल कनवर्टर है। Conduction time के दौरान,  स्विचिंग ट्रांजिस्टर रैखिक रूप से एक स्लोप के रूप से बढ़ता है जो की Vin/Lp होता है। SMPS क्या है और उसके प्रकार के बारे में जान लेने के बाद चलिए SMPS के कनेक्टरों के बारे में विस्तार से जानते है।

SMPS के Connectors (Different Connectors of SMPS)

एसएमपीएस (SMPS) पावर कनेक्टरों का उपयोग कर एक कंप्यूटर सिस्टम के विभिन्न घटकों (Components) जैसे की मदरबोर्ड, हार्ड डिस्क ड्राइव और अन्य घटकों को पॉवर सप्लाई करता है, पावर कनेक्टर डीसी वोल्टेज को ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक विद्युत कनेक्टर है, इसमें 5 प्रकार के कनेक्टर हैं

  • ATX Power Connectors : यह एक 20 पिन कनेक्टर है जिसमें से 6 प्रकार के वोल्टस बाहर आ रहे हैं। ATX का उपयोग हम मदरबोर्ड को पॉवर सप्लाई करने के लिए करते हैं। पिन पर तार के रंग उसे संबंधित वोल्टेज दर्शाता है।
  • 24 Pin SMPS Connectors : यह 24 पिन एसएमपीएस कनेक्टर पॉवर कनेक्टर्स की ATX शैली के साथ बनाया गया है। इस कनेक्टर को मदरबोर्ड को बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसलिए, इसे पीसी मुख्य शक्ति कनेक्टर के रूप में जाना जाता है 24 पिन एसएमपीएस कनेक्टर में 4 अतिरिक्त पिन हैं जो 20 पिन कनेक्टर की तुलना में भिन्न वोल्टेज स्तर लेते हैं। पिन नंबर 11, 12 और 23 क्रमशः +12 V, +3.3 V, +5 V और पिन नंबर 24 को ग्राउंड के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • Standard Peripheral Power Connectors (Molex) : डिस्क ड्राइव पावर कनेक्टर्स 4 तार कनेक्टर्स का उपयोग करते हैं जिन्हें आमतौर पर मोलेक्स कनेक्टर कहा जाता है। हार्ड डिस्क ड्राइव, सीडी / डीवीडी ड्राइव मोलेक्स कनेक्टर का उपयोग करते हैं I पिन के तारों के रंग उनके संबंधित वोल्टेज को दर्शाता है।
  • SATA Power Connectors : SATA (Serial Advanced Technology Attachment) पॉवर कनेक्टर के द्वारा कंप्यूटर के हार्ड डिस्क ड्राइव ,CD/DVD ड्राइव को कनेक्ट करने और पॉवर सप्लाई करने के लिए होता है । यह एक 15-पिन कनेक्टर होता है। बड़ी संख्या में पिंस का उपयोग तीन अलग-अलग वोल्टेज-3.3 V, 5 V, और 12 V के लिए किया जाता है। प्रत्येक वोल्टेज को तीन पिंस द्वारा एकत्रित किया जाता है और ग्राउंड के लिए 6 पिन होते हैं।
  • PCI-E 6 Pin Connectors : PCI-e केबल का इस्तेमाल PCI Express मदरबोर्ड स्लॉट्स को अतिरिक्त 12-वोल्ट की शक्ति प्रदान करने के लिए किया जाता है इन्हें कभी-कभी PCI Express Cable या PEG (PCI Express Graphics) केबल कहते हैं।

पॉवर सप्लाई मुख्यतः दो तरह कि होती है

  1. AT Power Supply :आजकल AT Power Supply का इस्तेमाल बेहद कम होता या नही के बराबर होता है इनमे 2, 6-6 पिन के कनेक्टर होते है जिसके जरिये हम मदरबोर्ड को कनेक्ट करते हैं।
  2. ATX Power Supply: आजकल हम ATX Power Supply का इस्तेमाल करते है इनमे 20 पिन के कनेक्टर होते है और एक कनेक्टर 4 पिन का चौकोर होता है जिसके जरिये हम मदरबोर्ड को कनेक्ट करते हैं। SMPS क्या है और उसके विभिन्न प्रकार के कनेक्टरों के बारे में जान लेने के बाद चलिए SMPS के आउटपुट  वोल्टेज के बारे में जानते है।
SMPS का आउटपुट वोल्टेज (Output Voltage of SMPS in Hindi)

कंप्यूटर के विभिन्न घटकों को अलग-अलग वोल्टेज की आवश्यकता होती है। अतः इस बिजली आपूर्ति को SMPS अलग-अलग मात्रा में प्रदान करता है एसएमपीएस द्वारा प्रदान किए गए विभिन्न प्रकार के वोल्टेज निम्नलिखित हैं:

  • Blue -> -12 V
  • White -> -5 V
  • Black -> 0 V
  • Orange -> +3.3 V
  • Red -> +5 
  • Yellow -> +12 V
SMPS के फायदे और नुकसान (Advantages and Disadvantages of SMPS in Hindi)
  • SMPS का सबसे बड़ा फ़ायदा यह है की यह ट्रांसफार्मर की तरह बड़ा और भरी नही बल्कि छोटा और हल्का होता है।
  • ट्रांसफार्मर की तुलना में यह बहुत कम गर्मी को उत्सर्जित करता है मगर यह इसकी कार्य करने की क्षमता पर भी निर्भर करता है।
  • SMPS के सबसे बड़ा नुकसान यह है की इसकी कार्यप्रणाली बेहतर जटिल जिसको समझना काफी मुश्किल होता है अगर SMPS कभी खराब होता है तो इसको बनाने मे जो लागत लगता है उतने में हम नया SMPS खरीद सकते वो भी एक साल की वार्रेंटी के साथ।
  • SMPS हमारे स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है क्योंकि यह High-Frequency पैदा करता है और उच्च आवृत्ति ऊर्जा की वजह से यह हार्मोनिक दिस्टोर्सन (Harmonic Distortion) का भी कारण भी बन सकता है।।

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4 Comments

  1. ROHIT KUMAR 15/10/2017
    • Shivam Pandey 15/10/2017
  2. techzone 29/11/2017

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